Dard
It's a blog that contains the Poetries of Urdu(Ghazals-Nazms) and Hindi in Hindi fonts, the creations of famous and touching writers and poets.
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Today I was surfing - 550 days ago
Today I was surfing the net and suddenly came across a video of one of my favourite songs in English. My affair with this song goes a bit back. When for the first time, I heard this song I was a teenaged guy..... and had some natural feelings induced by..
बदलते वक़्त का इक सिलसिला सा लगता है \ मंज़र भोपाली - 817 days ago
बदलते वक़्त का इक सिलसिला सा लगता है के जब भी देखो उसे दूसरा-सा लगता है तुम्हारा हुस्न किसी आदमी का...
हज़ार ग़म थे मेरी ज़िन्दगी अकेली थी/ माहिर रतलामी - 845 days ago
हज़ार ग़म थे मेरी ज़िन्दगी अकेली थी ख़ुशी जहाँ की मेरे वास्ते पहेली थी वो आज बच के निकलते हैं मेरे...
देखा तो मेरा साया भी मुझ से जुदा मिला \ अयाज़ झांसवी - 884 days ago
देखा तो मेरा साया भी मुझ से जुदा मिला सोचा तो हर किसी से मेरा सिलसिला मिला शहर-ए-वफ़ा में अब किसे...
जिस तरह की हैं ये दीवारें, ये दर जैसा भी है \ अनवर मसूद - 890 days ago
जिस तरह की हैं ये दीवारें, ये दर जैसा भी है सर छिपाने को मयस्सर तो है, घर जैसा भी है [मयस्सर = उपलब्ध]...


